कोर्स 07 - गतिविधि 2 : मेरी कक्षा की भाषा संबंधी परिस्थिति - अपनी समझ साझा करें
आपकी कक्षा के बच्चे जो भाषा/भाषाएँ दैनिक जीवन में सहज रूप से बोलते-समझते हैं, वह पाठ्यपुस्तकों में लिखी गई भाषा से किस प्रकार अलग है? लगभग 100 शब्दों में अपना उत्तर लिखें और उदाहरण के साथ समझाएँ।
प्राथमिक कक्षाओं में बहुभाषी शिक्षण
ReplyDeleteकक्षा के बच्चों की दैनिक बोलचाल की भाषा और पाठ्यपुस्तकों की भाषा में मुख्य अंतर **स्वाभाविकता, व्याकरण के नियमों और स्थानीय प्रभाव** का होता है।
ReplyDeleteबच्चे घर और समाज में जो भाषा बोलते हैं, वह बहुत ही अनौपचारिक (casual) और लचीली होती है। इसमें व्याकरण के कड़े नियम नहीं होते, वाक्य छोटे होते हैं, और अक्सर वे स्थानीय बोलियों या दूसरी भाषाओं के शब्दों का मिश्रण करते हैं। इसके विपरीत, पाठ्यपुस्तकों की भाषा मानक (standard), औपचारिक और व्याकरण सम्मत होती है।
**उदाहरण के लिए:**
* **दैनिक भाषा:** "मैम, आज हमार पेट बहुत दुखत हाव, यही से हम खाना नहीं खाया।" (यहाँ 'दुखात 'स्थानीय शब्द है और व्याकरण अशुद्ध है, पर बच्चा अपनी बात सहजता से कह गया)।
* **पाठ्यपुस्तक की भाषा:** "आज मेरे पेट में तीव्र पीड़ा है, अतः मैं भोजन करने में असमर्थ हूँ।"
यही कारण है कि बच्चे पाठ्यपुस्तकों की भाषा को थोड़ा कठिन और खुद से दूर महसूस करते हैं।